रतनपुर में खुशी आटो सर्विस की बेइमानी साबित, चेक बाउंस, संचालक को अब दोगुनी राशि अदा कर छह महीने जेल में रहना होगा


न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, कोटा का फैसला

रतनपुर। कर्ज़ लेकर कर अदायगी के लिए जारी चेक का बैंक से अनादर होने के मामले पर प्रस्तुत परिवाद पर अदालत ने दो अलग-अलग मामलों में छह-छह महीने की कैद की सजा दी है। वहीं कर्ज के रूप में ली गई राशि के अदायगी एक महीने में नहीं होने पर तीन-तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा दी है।

खुशी ऑटो सर्विस के संचालक पीयुष अग्रवाल पिता सुरेश अग्रवाल निवासी – गांधीनगर रतनपुर ने  बड़ी बाजार रतनपुर निवासी रितिक सोनी पिता नरेश सोनी से व्यवसायिक आवश्यकता बताकर एक लाख पचास हजार रूपए उधार लिया था।  इसके भुगतान के लिए अभियुक्त ने भारतीय स्टेट बैंक शाखा रतनपुर जिला बिलासपुर के अपने खाते का एक चेक क्र 5 जुलाई 2023 को परिवादी रितिक सोनी को प्रदान किया था।

चेक को परिवादी ने भुगतान प्राप्त करने के लिए आईडीएफसी बैंक शाखा रतनपुर में अपने बचत खाते में जमा किया था।  बैंक ने 10 जुलाई 2023 को अभियुक्त पीयूष अग्रवाल के खाते में अपर्याप्त राशि होने की टीप के साथ अनादरित कर चेक परिवादी को लौटा दिया। चेक के अनादरण (बाउंस) होने की मौखिक सूचना देने पर पीयूष ने कोई जवाब नहीं दिया और न ही रकम परिवादी रितिक को लौटाया । अभियुक्त पीयूष ने खाते में कम रकम होने के बाद भी चेक जारी किया। परिवादी ने आपराधिक मामला लाने का अधिकार सुरक्षित रखते हुए अदालत में परिवाद प्रस्तुत करने अधिवक्ता के माध्यम से 14 जुलाई 2023 को पंजीकृत डाक से विधिक सूचना पत्र अभियुक्त पीयूष को प्रेषित किया था।

अभियुक्त ने सूचना 15 जुलाई 2023 को प्राप्त होने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया। इस पर 31 जुलाई 2023 को न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, कोटा, जिला बिलासपुर (छ.ग.) में परिवाद प्रस्तुत किया गया था। अदालत ने प्रस्तुत दस्तावेजों, गवाहों और  दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों की सुनवाई कर खुशी मोटर्स संचालक के पीयूष अग्रवाल को धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत अपराध करना पाया। अदालत ने अपराध साबित होने पर अभियुक्त पीयूष अग्रवाल को 6 माह का साधारण कारावास की सजा से दण्डित किया है। 

कोर्ट ने परिवादी रितिक सोनी को निर्णय के एक माह के भीतर चेक की दोगुनी राशि तीन लाख रुपए भी देने का आदेश दिया है । राशि एक माह के भीतर परिवादी को अदा नहीं करने अभियुक्त को तीन माह का साधारण कारावास का अतिरिक्त सजा भुगतान होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *