बिलासपुर। कोटा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ मेडिकल आफिसर ने कार लोन के लिए एजेंट के मोबाइल पर संपर्क किया था। इसके बाद उनके मोबाइल पर बैंक का लिंक भेजा गया। डाक्टर से इसमें बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी शेयर कर दी। इसका फायदा उठाते हुए जालसाजों ने डाक्टर के बैंक खाते से 25 हजार 400 रुपये पार कर दिए। डाक्टर ने इसकी शिकायत सरकंडा थाने में की है। इस पर पुलिस जुर्म दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

सरकंडा क्षेत्र के ग्राम चिल्हाटी में रहने वाली माया सागर मेडिकल आफिसर हैं। उनकी पोस्टिंग कोटा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में है। उन्होंने सरकंडा थाने में धोखाधड़ी की शिकायत की है। मेडिकल आफिसर ने अपनी शिकायत में बताया कि 12 फरवरी को कार लोन के लिए एजेंट से मोबाइल पर संपर्क किया था। इसके बाद उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से बैंक आफ इंडिया का लिंक आया। लिंक को ओपन कर उन्होंने अपने बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी शेयर कर दी।
इसके दूसरे दिन उनके खाते से 25 हजार 400 रुपये पार कर दिए गए। उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी सरकंडा थाने में दी। इस पर सरकंडा पुलिस ने उन्हें साइबर पोर्टल में दर्ज कराने की बात कही। इस दौरान थाने में पदस्थ जवानों ने बताया कि उनका ट्रांजेक्शन पेंडिंग है। मेडिकल आफिसर ने साइबर पोर्टल में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने सरकंडा थाने में घटना की लिखित शिकायत की है। इस पर पुलिस जुर्म दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
इंटनरनेट से निकाला था नंबर
लोन के लिए डाक्टर ने इंटरनेट में बैंक की जानकारी ली थी। उन्होंने इंटरनेट से ही एजेंट का नंबर निकाला था। इसी नंबर पर संपर्क करने के बाद उनसे धोखाधड़ी हुई। सरकंडा थाना प्रभारी फैजुल शाह ने बताया कि जालसाजों ने बड़ी कंपनियों के साथ ही बैंकों के नाम से मिलते जुलते वेबसाइड बना लिए हैं। इसमें संपर्क करते ही जालसाज सक्रिय होते हैं।