पूरे देश में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पर महमूद गजनवी द्वारा 1026 ईस्वी में हुए प्रथम आक्रमण के ठीक 1000 वर्ष पूरे होने पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह पर्व 8 से 11 जनवरी तक चल रहा है, जिसमें देशभर में आस्था और स्वाभिमान की भावना के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में रतनपुर के प्रसिद्ध बूढ़ा महादेव मंदिर (वृद्धेश्वरनाथ महादेव) में नगरपालिका अध्यक्ष लवकुश कश्यप और भाजपा रतनपुर मंडल के पदाधिकारियों ने विधिवत पूजन-अर्चना की। कार्यक्रम के दौरान भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित किया गया और सामूहिक रूप से ओंकार(ॐ) का जाप किया।
यह पूजन क्षेत्रवासियों की मंगलकामना और सुख-समृद्धि के लिए समर्पित था। भक्तों ने भगवान शिव से आशीर्वाद प्राप्त कर देश की सांस्कृतिक एकता और अटूट आस्था को याद किया। बूढ़ा महादेव मंदिर, जो स्वयंभू शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध है और छत्तीसगढ़ की धार्मिक नगरी रतनपुर का महत्वपूर्ण हिस्सा है, आज इस अवसर पर विशेष रूप से सुशोभित था।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का महत्व
यह पर्व सोमनाथ मंदिर की उस शाश्वत गाथा का प्रतीक है, जो बार-बार विनाश के बावजूद पुनर्निर्माण और अडिग आस्था का संदेश देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यक्रम हो रहे हैं, जिसमें ओमकार जाप, शौर्य यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रम मे ज्वाला कौशिक, रामा जायसवल, ज्ञानेंद्र कश्यप,अमित महावर,सुरेश सोनी,उषा चौहान, राजकुमारी बिसेन, प्रभा मानिकपुरी सहित अन्य कार्यकर्ता सम्मिलित हुए
रतनपुर के इस स्थानीय आयोजन ने भी इस राष्ट्रीय उत्सव को स्थानीय स्तर पर जोड़ा, जिससे क्षेत्रीय भक्तों में उत्साह और गर्व की भावना बढ़ी है। भक्तों का कहना है कि सोमनाथ की तरह ही हमारी आस्था कभी टूटती नहीं, बल्कि हर चुनौती के बाद और मजबूत होती है।
